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अभ्यास 17

क) निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया लगाएँ और अनुवाद करें:

⟪१⟫. ⟪ब्राह्मनो ऽनृतं न⟫ ... (⟪ब्रू । वच् । वद्⟫) ⟪। ब्रवीति । वक्ति । वदति ।
एक ब्राह्मण असत्य नहीं बोलता।

⟪२⟫. ⟪क्षत्रियो जनान्⟫ ... (⟪पा । रक्ष्⟫) ⟪। पाति । रक्षति ।
एक क्षत्रिय लोगों की रक्षा करता है।

⟪३⟫. ⟪बलवद्योधो द्विजारीन्⟫ ... (⟪जि । हन् । युध्⟫) ⟪। द्विजारीञ्जयति । द्विजारीन्हन्ति । युध्यते ।
शक्तिशाली योद्धा द्विजों के दुश्मनों को परास्त / मारता / युद्ध करता है।

⟪४⟫. ⟪ब्राह्मणकविर्लोकेश्वरम्⟫ ... (⟪स्तु । यज्⟫) ⟪। स्तौति । स्तुते । यजते । यजति ।
ब्राह्मण कवि लोक के स्वामी की स्तुति करता है। (या: ...लोक के स्वामी को यज्ञ करता है...)

⟪५⟫. ⟪अग्निर्यज्ञान्नम्⟫ ... (⟪अद् । दह्⟫) ⟪। अत्ति । दहति ।
अग्नि भोजन को जला / खा जाता है।

⟪६⟫. ⟪बालवैश्यो धेनुम्⟫ ... (⟪दुह् । रक्ष् । पा⟫) ⟪। दोग्धि । दुग्धे । रक्षति । पाति ।
युवा वैश्य गाय को दूध निकालता / पालता है।

⟪७⟫. ⟪द्विजदासो मृगमार्गेण ब्राह्मणग्रामम्⟫ ... (⟪गम् । इ । पद्⟫) ⟪। गच्छति । एति । पद्यते ।
द्विजों का दास जंगली रास्ते से ब्राह्मण गाँव की ओर जाता है।

⟪८⟫. ⟪द्विजदासः शूद्रस्⟫ ... (⟪अस् २ । भू⟫) ⟪। द्विजदासः शूद्रो ऽस्ति ।⟫ ... ⟪शूद्रो भवति ।
एक शूद्र द्विजों का दास है।

⟪९⟫. ⟪बालब्राह्मणी⟫ ... (⟪रुद् । आस् । मृ⟫) ⟪। रोदिति । बालब्राह्मण्याते । म्रियते ।
छोटी ब्राह्मणी रोती / बैठती / मरती है।

B) A) में बनाए गए वाक्यों में कर्ता और क्रिया को बहुवचन में लगाएँ

. ब्राह्मणा अनृतं ब्रुवन्ति (वच् का बहुवचन प्रयोग नहीं होता) वदन्ति

. क्षत्रिया जनान्पान्ति रक्षन्ति

. बलवद्योधा द्विजारीञ्जयन्ति ... द्विजारीन्घन्ति युध्यन्ते

. ब्राह्मणकवयो लोकेश्वरं स्तुवन्ति स्तुवते यजन्ति यजन्ते

. अग्नयो यज्ञान्नमदन्ति दहन्ति

. बालवैश्या धेनुं दुहन्ति दुहते रक्षन्ति पान्ति

. द्विजदासा मृगमार्गेण ब्राह्मणग्रामं गच्छन्ति यन्ति पद्यन्ते

. द्विजदासाः शूद्राः सन्ति ... शूद्रा भवन्ति

. बालब्राह्मण्या रुदन्ति बालब्राह्मण्य आसते बालब्राह्मण्यो म्रियन्ते

१०. साधुजनो ऽधर्मं द्विषन्ति द्विषते कुर्वन्ति कुर्वते


अभि.: बालब्राह्मणी रोदिति
(छवि स्रोत: विवरण)


क्रिया-प्रकार-अभ्यास

निम्नलिखित क्रिया-प्रकारों का अनुवाद करें और संबंधित मूलधातु बताएं:

. अदन्ति (अद् 2P): वे खाते हैं

. सन्ति (अस् 2P): वे हैं

. आसते (आस् 2Ā): वे बैठते हैं

. यन्ति ( 2P): वे जाते हैं

. इच्छति (इष् 6P): वह चाहता है

. कुर्वते (कृ 8U): वे करते हैं (अपने हित में)

. गच्छन्ति (गम् 1P): वे जाते हैं

. जायते (जन् 4Ā): वह उत्पन्न होता है

. जयति (जि 1P): वह विजयी होता है

१०. तनोति (तन् 8U): वह खींचता है

११. दहति (दह् 1P): वह जलाता है

१२. दोग्धि (दुह् 2U): वह दूध निकालता है

१३. पश्यति (दृश् 4P): वह देखता है

१४. द्विष्टे (द्विष् 2U): वह घृणा करता है

१५. नयन्ति (नी 1U): वे ले जाते हैं

१६. नृत्यति (नृत् 4P): वह नाचता है

१७. पद्यन्ते (पद् 4Ā): वे चलते हैं

१८. पिबति (पा 1P): वह पीता है

१९. पान्ति (पा 2P): वे रक्षक होते हैं

२०. पृच्छति (प्रच्छ् 6P): वह पूछता है

२१. बुध्यन्ते (बुध् 4Ā): वे जागृत होते हैं

२२. ब्रवीति (ब्रू 2U): वह बोलता है

२३. भवन्ति (भू 1P): वे बनते हैं

२४. मन्यते (मन् 4Ā): वह समझता है

२५. मुञ्चन्ति (मुच् 6U): वे मुक्त करते हैं

२६. म्रियन्ते (मृ 4Ā): वे मरते हैं

२७. यजते (यज् 1U): वह यज्ञपति के रूप में यज्ञ करता है

२८. युध्यन्ते (युध् 4Ā): वे लड़ते हैं

२९. रक्षति (रक्ष् 1P): वह रक्षक होता है

३०. रोदिति (रुद् 2P): वह रोता है

३१. लभते (लभ् 1Ā): वह प्राप्त करता है

३२. वक्ति (वच् 2P): वह बोलता है

३३. वदति (वद् 1P): वह बोलता है

३४. शृणोति (श्रु 5P): वह सुनता है

३५. स्तौति (स्तु 2U): वह प्रशंसा करता है

३६. स्मरति (स्मृ 1P): वह वर्तमान में लाता है

३७. हन्ति (हन् 2P): वह मारता है

३८. अश्नुवते (अश् 5Ā): वे प्राप्त करते हैं

३९. कुप्यते (कुप् 4P): क्रोधित किया जाता है

४०. कर्षन्ति (कृष् 6U): वे चलते हैं

४१. उद्यते (वद् 1P): कहा जाता है

४२. सहन्ते (सह् 1Ā): वे सहन करते हैं

४३. सिच्यन्ते (सिच् 6U): उन्हें छिड़का जाता है

४४. आप्नोति (आप् 5P): वह प्राप्त करता है

४५. जीव्यते (जीव् 1P): जीया जाता है

४६. दिश्यन्न्ते (दिश् 6U): उन्हें दिखाया जाता है


अभिक: शृणोति
(चित्र स्रोत: विवरण)

Tüpfli's Global Village Library का हिस्सा