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अभ्यास 10

क) निम्नलिखित क्रिया रूपों का कर्मवाच्य बनाएं (क्रिया रूप के अनुवाद सहित), अर्थात वह कर्मवाच्य जो क्रिया रूप में पुरुष और वचन के अनुरूप हो:

  1. sṛjati ⟪सृजति⟫ : sṛjyate ⟪सृज्यते
  2. yudhyate ⟪युध्यते⟫ : yudhyate ⟪युध्यते
  3. bhavanti ⟪भवन्ति⟫ : bhūyante ⟪भूयन्ते
  4. yajati ⟪यजति⟫ : ijyate ⟪इज्यते
  5. nṛtyati ⟪नृत्यति⟫ : nṛtyate ⟪नृत्यते
  6. nayanti ⟪नयन्ति⟫ : nīyante ⟪नीयन्ते
  7. smarati ⟪स्मरति⟫ : smaryate ⟪स्मर्यते
  8. śṛṇvanti ⟪शृण्वन्ति⟫ : śrūyante ⟪श्रूयन्ते
  9. pāśyati ⟪पश्यति⟫ (कर्मवाच्य dṛś से बनाया जाता है!) : dṛśyate ⟪दृश्यते
  10. jayanti ⟪जयन्ति⟫ : jīyante ⟪जीयन्ते
  11. kurvate ⟪कुर्वते⟫ : kriyante ⟪क्रियन्ते
  12. āpnuvanti ⟪आप्नुवन्ति⟫ : āpyante ⟪आप्यन्ते
  13. viśati ⟪विशति⟫ : viśyate ⟪विश्यते
  14. khādanti ⟪खादन्ति⟫ : khādyante ⟪खाद्यन्ते
  15. sunoti ⟪सुनोति⟫ : sūyate ⟪सूयन्ते
  16. gacchati ⟪गच्छति⟫ : gamyate ⟪गम्यते
  17. manyante ⟪मन्यन्ते⟫ : manyante ⟪मन्यन्ते
  18. labhante ⟪लभन्ते⟫ : labhyante ⟪लभ्यन्ते
  19. rakṣanti ⟪रक्षन्ति⟫ : rakṣyante ⟪रक्ष्यन्ते
  20. vadanti ⟪वदन्ति⟫ : udyante ⟪उद्यन्ते
  21. pṛcchanti ⟪पृच्छन्ति⟫ : pṛcchyante ⟪पृच्छ्यन्ते
  22. tanvanti ⟪तन्वन्ति⟫ (2 रूप!) : tanyante / tāyante ⟪तन्यन्ते तायन्ते

ख) अब तक सीखे गए सभी संज्ञाओं के लिए करण विभक्ति का एकवचन और बहुवचन बनाएं

ग) निम्नलिखित वाक्यों को कर्मवाच्य में बदलें और उनका अनुवाद करें:

1. brāhmaṇo devīm yajati. ⟪ब्राह्मणो देवीं यजति

brāhmaṇena devījyate.

⟪ब्राह्मणेन देवीज्यते ।

2. sādhuḥ svargaṃ gacchati. ⟪साधुः स्वर्गं गच्छति

sādhunā svargaṃ / svargo gamyate.

⟪साधुना स्वर्गं गम्यते ।

3. शूद्र को जीतता है। ⟪शूद्रं जयति

śūdro jīyate.

⟪शूद्रो जीयते ।

4. गुरु फल खाते हैं। ⟪गुरुः फलानि खादति

guruṇā phalāni khādyante.

⟪गुरुना फलानि खाद्यन्ते ।

5. गुरुओं को सुनते हैं। ⟪गुरूञ्छृणोति

guravaḥ śrūyante.

⟪गुरवः श्रूयन्ते ।

6. कौन अग्नि को देखता है? ⟪को ऽग्निं पश्यति

kenāgnir dṛśyate.

⟪केनाग्निर्दृश्यते ।

7. यह कवि मंत्र को स्मरण करता है। ⟪अयं कविर्मन्त्रं स्मरति

anena kavinā mantraḥ smaryate.

⟪अनेन कविना मन्त्रः स्मर्यते ।

8. यह देवी क्षत्रिय रक्षा करती है। ⟪इयं देवी क्त्रिया रक्षति

anayā devyā kṣatriyā rakṣyante.

⟪अनया देव्या क्षत्रिया रक्ष्यन्ते ।

9. क्षत्रिय विष्णु की पूजा करते हैं। ⟪क्षत्रिया विष्णुं यजन्ते⟫ (2 संभावनाएँ)

क्षत्रियों द्वारा विष्णु की पूजा होती है / क्षत्रियाओं द्वारा विष्णु की पूजा होती है।

⟪क्षत्रियैर्विष्णुरिज्यते । क्षत्रियाभिर्विष्णुरिज्यते ।

10. ब्राह्मण अग्नि को बनाते हैं। ⟪ब्राह्मणो ऽग्निं करोति

brāhmaṇenāgniḥ kriyate.

⟪ब्राह्मणेनाग्निः क्रियते ।

11. वैश्य इस गाँव को जाते हैं। ⟪वैश्या इमं ग्रामं गच्छन्ति⟫ (2 संभावनाएँ)

वैश्यों / वैश्याओं द्वारा इस गाँव को या यह ग्राम गम्यते है।

⟪वैश्यैरिमं ग्रामं गम्यते । वैश्यैरयं ग्रामो गम्यते । वैश्याभिरिमं ग्रामं गम्यते । वैश्याभिरयं ग्रामो गम्यते ।

वैश्य / वैश्याएँ इस गाँव में जाती हैं।

12. ये गुरुओं को सुनते हैं। ⟪एते गुरूंस्तु शृण्वन्ति

etair guravas tu śrūyante.

⟪एतैर्गुरवस्तु श्रूयन्ते ।

वे अपने गुरुओं को सुनते हैं।

13. साधु स्वर्ग को प्राप्त होता है। ⟪साधुः स्वर्गमाप्नोति

sādhunā svarga āpyate.

⟪साधुना स्वर्ग आप्यते ।

एक संत स्वर्ग प्राप्त करता है।

14. brāhmāṇāḥ somaṃ sunvanti. ⟪ब्राह्मणाः सोमं सुन्वन्ति

brāhmaṇaiḥ somaḥ sūyate.

⟪ब्राह्मणैः सोमः सूयते ।

ब्राह्मण सोम को रसते हैं।

15. paśūṃllabhate. ⟪पशूल्ंलभते

paśavo labhyante.

⟪पशवो लभ्यन्ते ।

पशु प्राप्त किए जाते हैं।

16. ke yodhāḥ kṣatriyaiḥ saha yudhyante. ⟪के योधाः क्षत्रियैः सह युध्यन्ते

kair yodhaiḥ kṣatriyaiḥ saha yudhyate.

⟪कैर्योधैः क्षत्रियैः सह युध्यते ॥

कौ सैनिक क्षत्रियों के साथ (सहित) युद्ध करते हैं?

D) संस्कृत में अनुवाद करें:

1. एक ब्राह्मण वैश्य के साथ गाँव जाता है।

brāhmano vaiśyena saha grāmaṃ gacchati.

⟪ब्राह्मणो वैश्येन सह ग्रामं गच्छति ।

2. वह विष्णु को एक यज्ञ से पूजता है। (यज्ञ शब्द का प्रयोग करें!)

yajñena viṣṇuṃ yajati / yajate.

⟪यज्ञेन विष्णुं यजति⟫ / ⟪यजते ।

3. वेद को श्रुति कहा जाता है। (vad)

vedaḥ śrutir (ity) udyate.

⟪वेदः श्रुतिरित्युद्यते ।

4. ताना बिछाया जाता है। (2 संभावनाएँ)

tantraṃ tanyate / tāyate / tanvanti.

⟪तन्त्रं तन्यते⟫ / ⟪तायते⟫ / ⟪तन्वन्ति ।

5. गुरु पूछते हैं। (कर्मणि प्रयोग)

gurubhiḥ pṛcchyate.

⟪गुरुभिः प्र्च्छ्यते ।

6. नेत्र मार्गदर्शन करता है। (कर्मणि प्रयोग) (आँख और कान आमतौर पर द्विवचन में उपयोग किए जाते हैं)

netreṇa nīyate.

⟪नेत्रेण नीयते ।

7. कवि एक देवता को देखते हैं। (कर्मणि प्रयोग)

kavinā devatā dṛśyate.

⟪कविना देवता दृश्यते ।

8. कौन (स्त्रीलिंग) लड़की की रक्षा करता है? (कर्मणि प्रयोग)

kayā bālā rakṣyate.

⟪कया बाला रक्ष्यते ।

9. क्षत्रिय ईश्वर की एक यज्ञ से पूजा करता है। (कर्मवाच्य, yajña शब्द के उपयोग के बिना)

kṣatriyeṇeśvara ijyate.

⟪क्षत्रियेनेश्वर इज्यते ।

10. दानशीलता से बुद्ध के अनुयायी एक स्वर्ग प्राप्त करते हैं।

dānena śrāvakaḥ svargam āpnoti / aśnute.

⟪दानेन श्रावकः स्वर्गमाप्नोति⟫ / ⟪स्वर्गमश्नुते ।


आकृति: ⟪ग्रामः
(चित्र स्रोत: विवरण)


पाठ अभ्यास

पढ़ें और अनुवाद करें तथा कर्मवाच्य में बदलें:

⟪क १⟫.

⟪मक्सिका व्रणमिच्छन्ति
⟪धनमिच्छन्ति पार्थिवाः⟫ |
⟪नीचाः कलहमिच्छन्ति
⟪शान्तिमिच्छन्ति साधवः⟫ ||
>
⟪मक्षिकाभिर्व्रण इष्यते
⟪धनमिष्यते पार्थिवैः ।
⟪नीचैः कलह इष्यते
⟪शान्तिरिष्यते साध⟫u⟪भिः ॥

मक्खियां घाव की कामना करती हैं,
राजा धन की कामना करते हैं,
नीच लोग विवाद की कामना करते हैं,
शांत स्वभाव वाले शान्ति की कामना करते हैं।

⟪२⟫. ⟪नरान्सृजति देवः⟫ |
⟪नरा देवैः सृज्यन्ते ।
देवताओं ने मनुष्यों को बनाया।

⟪३⟫. ⟪कवयो धनं लुभ्यन्ति⟫ |
⟪कविभिर्धनं लभ्यते ।
कवि धन की कामना करते हैं।

⟪४⟫. ⟪ऋषिः सूक्तानि पश्यति⟫ |
⟪ऋषिणा सूक्तानि दृश्यन्ते ।
वैदिक ऋषि वैदिक गीत देखते हैं।

⟪५⟫. ⟪विष्णुमृषिर्यजति⟫ |
⟪विष्णुरृषिणेज्यते ।
वैदिक ऋषि विष्णु को यज्ञ करते हैं।

⟪६⟫. ⟪गुरूञ्शिष्यांश्च पश्यति⟫ |
⟪गुरवः शिष्याश्च दृश्यन्ते ।
वे गुरु और शिष्य को देखते हैं।

⟪७⟫. ⟪स्वर्गं लभन्ते⟫ |
⟪स्वर्गो लभ्यते ।
वे स्वर्ग प्राप्त करते हैं।

⟪८⟫. ⟪अत्रर्षिर्भानुं वन्दते⟫ |
⟪अत्रर्षिणा भानुर्वन्स्यते ।
वहाँ एक वैदिक ऋषि सूर्य को अभिनंदन करते हैं।

⟪९⟫. ⟪ग्रामं गच्छन्ति⟫ |
⟪ग्रामं गम्यते । ग्रामो गम्यते ।
वे गाँव में जाते हैं।

⟪१०⟫. ⟪दानानि वर्षन्ति नृपाः⟫ ||
⟪दानानि वृष्यन्ते नृपैः ॥
राजा उपहार बरसाते हैं।

⟪ख १⟫. ⟪सदा देवान्स्मरन्ति⟫ |
⟪सदा देवाः स्मर्यन्ते।
वे देवताओं को सदैव स्मरण करते हैं।

⟪२⟫. ⟪ऋषिभी रामो वसति⟫ |
⟪ऋषिभिः सह रामेणोष्यते ।
राम वेदिक ऋषियों के पास रहते हैं।

⟪३⟫. ⟪हरिं क्षीरेण यजति⟫ |
⟪हरिः क्षीरेणेज्यते ।
वे दूध के यज्ञ से हरि की पूजा करते हैं।

⟪४⟫. ⟪मार्गेण ग्रामं गच्छन्ति⟫ |
⟪मार्गेन ग्रामं गम्यते । मार्गेन ग्रामो गम्यते ।
वे रास्ते पर गाँव जाते हैं।

⟪५⟫. ⟪धनेन सुखमिच्छन्ति नराः⟫ |
⟪धनेने नरैः सुखमिष्यते ।
लोग धन से सुख चाहते हैं।

⟪६⟫. ⟪एवं वदन्ति⟫ |
⟪एवमुद्यते ।
इसी प्रकार कहा जाता है।

⟪७⟫. ⟪शान्त्यर्षय इह शोभन्ते⟫ |
⟪शान्त्यर्षिभिरिह शुभ्यते ।
पृथ्वी पर संत शांतता से चमकते हैं।

⟪८⟫. ⟪कपयः फलानि खादन्ति⟫ |
⟪कपिभिः फलानि खाद्यन्ते ।
बंदर फल खाते हैं।

⟪९⟫. ⟪गजो गच्छति⟫ |
⟪गजेन गम्यते ।
हाथी दौड़ता है।

⟪१०⟫. ⟪हरिर्गृहं गच्छ⟫ti |
⟪हरिणा गृहं गम्यते ।
हरि घर जाते हैं।

⟪११⟫. ⟪सारथी रथं नयति⟫ ||
⟪सारथिना रथो नीयते ॥
सारथी रथ चलाता है।


चित्र: ⟪सारथी रथं नयति
(चित्र स्रोत: विवरण)

Tüpfli's Global Village Library का हिस्सा