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पाठ ५६

निम्नलिखित रूपों का निर्धारण और अनुवाद करें:

क्र.सं.रूपनिर्धारण / अर्थ
.अस्मत्वयम्: अप्. (हमसे)
.अस्मात्इदम्: अप्. एक. पु. नपुं. (इससे)
.दध्यौध्यै १प: . . एक. परस्मै. लुट्. . (मैंने / उसने सोचा)
.लिल्यिरेली ४आ: . बहु. परस्मै. लुट्. . (वे चिपक गए)
.अगामिगम् १प: . एक. सिचि. कर्मे. (जाना गया)
.आगामीआगामिन्: नाम. एक. पु. (जो आता है)
.अक्लिद्यत्क्लिद् ४प: . एक. अना. परस्मै. (वह गीला हुआ)
.अक्लिदत्क्लिद् ४प: . एक. -सिचि. परस्मै. (वह गीला हुआ)
.अचिक्लिदत्क्लिद् ४प: . एक. पुनरा. सिचि. परस्मै. विधि. (उसने गीला किया)
१०.स्त्रीघ्नायस्त्रीघ्न: दत्. एक. पु. नपुं. (स्त्रीघाती को)
११.नेदनद् १प: . बहु. परस्मै. लुट्. . (तुम दहाड़े)
१२.प्लवमानप्लव १आ: भावा. वर्तमान. . सम्बोधन. एक. पु. (तैराको!)
१३.अकारिकृ ८उ: . एक. सिचि. कर्मे. (किया गया)
१४.अद्यआज (क्रि.वि.)
१५.अतन्द्रितेअतन्द्रित: लोक. एक. पु. नपुं.; नाम. सम्बोधन. द्वि. नपुं.; सम्बोधन. एक. स्त्री. (अथक)
१६.अन्तरेअन्तर: नाम. सम्बोधन. पु. बहु.; लोक. एक. पु.; नाम. सम्बोधन. द्वि. नपुं. (अन्य)
१७.महीक्षितम्महीक्षित् पु.: सम्बोधन. एक. पु. (राजा को); मही + ईक्षित: सम्बोधन. एक. पु. नपुं.
१८.आर्दिधामऋध् ५प: . बहु. पुनरा. सिचि. परस्मै. विधि. (हमने विकसित किया)
१९.आसम्अस् २प: . एक. अना. परस्मै. (मैं था)
२०.आसाम्इदम्: जन. बहु. स्त्री. (इन)
२१.आसिआस् २आ: . एक. अना. . (मैं बैठा)
२२.अनूनुदत्नुद् ६उ: . बहु. पुनरा. सिचि. परस्मै. विधि. (तुमने धकेल दिया)
२३.जिघ्रतिघ्रा १प: . एक. सिचि. वर्तमान. परस्मै. (वह सूंघता है)
२४.जाग्रतिजागृ २प: . बहु. सिचि. वर्तमान. परस्मै. (वे जागते हैं)
२५.आस्थत्अस् ४प: . एक. -सिचि. परस्मै. (उसने फेंका)
२६.आस्थात्-स्था १प: . एक. धातु-सिचि. परस्मै. (उसने आक्रमण किया)
२७.अबीभषम्भाष् १आ: . एक. पुनरा. सिचि. परस्मै. विधि. (मैंने बोलने दिया)
२८.अशुषःशुष् ४प: . एक. -सिचि. परस्मै. (तुम सूख गए)
२९.कपीकपि पु.: नाम. सम्बोधन. द्वि. (दो बंदर)
३०.आततायीआततायिन् पु.: नाम. एक. (महापराधी)
३१.महतीमहान्त: नाम. एक. स्त्री.; नाम. सम्बोधन. द्वि. नपुं. (बड़ा)
३२.इतरेतरेषाम्इतरेतर: जन. बहु. पु. नपुं. (पारस्परिक)
३३.धेक्षिदिह् २उ: . एक. सिचि. वर्तमान. परस्मै. (तुम मलते हो)
३४.अश्यन्शो ४प: . बहु. अना. परस्मै. (वे तेज करते थे)
३५.कन्येकन्या स्त्री.: सम्बोधन. एक.; नाम. सम्बोधन. द्वि. (लड़की)
३६.सौमिसु २प: . एक. सिचि. वर्तमान. परस्मै. (मैं प्रजनन करता हूँ)
३७.आर्पिपन् १प: . बहु. पुनरा. सिचि. परस्मै. विधि. (उन्होंने गति दी)
३८.परिव्राट्परिव्राज् पु.: नाम. सम्बोधन. एक. (भिक्षु)
३९.जेरिमजॄ /९प: . बहु. परस्मै. लुट्. . (हम बूढ़े हुए)
४०.अततर्पततृप् 4/6P: 2. ਬਹੁ. ਪੁ. / 3. ਇਕ. ਐ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਕਾਰ.
४१.तत्रिरेत्रै 1ਐ: 3. ਬਹੁ. ਪਰਾ. ਐ. (ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਬਚਾਇਆ)
४२.मात्रीकुरुमात्रीकृ: 2. ਇਕ. ਅਜਾ. ਪੁ. (ਮਾਂ / ਮਾਪ ਬਣਾਉ)
४३.आनीःअन् 2ਪ: 2. ਇਕ. ਅਪ੍ਰ. ਪੁ. (ਤੂੰ ਸਾਹ ਲਿਆ)
४४.मानुषाभ्याम्मानुष: ਸਾ. ਦਾ. ਅਬ. ਦੁ. ਮਿ. ਨਿ. (ਮਨੁੱਖੀ)
४५.अजिघ्रपम्घ्रा 1ਪ: 1. ਇਕ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਪੁ. ਕਾਰ. (ਮੈਂ ਸੁਗੰਧ ਫੈਲਾਈ)
४६.रतेरम् 1ਐ: ਪਪ੍ਰ ਲੋ. ਇਕ. ਮਿ. ਨਿ.; ਨਾ. ਅਕ. ਵੋ. ਦੁ. ਨਿ.; ਵੋ. ਇਕ. ਫਿ.
४७.जातुਕੁੱਲ (ਅਵਿ.)
४८.जातीजाति ਫਿ.: ਨਾ. ਅਕ. ਵੋ. ਦੁ. (ਦੋ ਜਨਮ)
४९.जाताजन् 1ਐ: ਪਪ੍ਰ ਨਾ. ਇਕ. ਫਿ. (ਜਨਮੀ ਹੋਈ)
५०.अपरस्मैअपर: ਦਾ. ਇਕ. ਮਿ. ਨਿ. (ਇੱਕ ਹੋਰ)
५१.अदीपिदीप् 4ਐ: 3. ਇਕ. ਅਧਿ. ਪਾ. (ਜਲ ਉੱਠਿਆ)
५२.अजूजुषामजुष् 6ਐ: 1. ਬਹੁ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਪੁ. ਕਾਰ. (ਅਸੀਂ ਸੰਤੁਸ਼ਟ ਕੀਤਾ)
५३.नवानाम्नव: ਨੌਂ; नव: ਜੇ. ਬਹੁ. ਮਿ. ਫਿ. ਨਿ. (ਨਵਾਂ)
५४.अश्रुणोःअश्रु ਨਿ.: ਜੇ. ਲੋ. ਦੁ. (ਦੋ ਅੱਥਰੂਆਂ)
५५.पृथक्पृथक्ਵਾਰੀ ਵਾਰੀ (ਅਵਿ.)
५६.असिष्णिहम्स्निह् 4ਪ: 1. ਇਕ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਪੁ. ਕਾਰ. (ਮੈਂ ਚਿਕਣੀ ਕੀਤੀ)
५७.मन्मय्यःमन्मय: ਨਾ. ਬਹੁ. ਫਿ. (ਮੇਰੇ ਬਣੇ ਹੋਏ)
५८.औजिहःऊह् 1ਐ: 2. ਇਕ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਪੁ. ਕਾਰ. (ਤੂੰ ਧੱਕਾ ਦਿੱਤਾ)
५९.अशिनट्शिष् 7ਪ: 2. 3. ਇਕ. ਅਪ੍ਰ. ਪੁ. (ਤੂੰ / ਉਹ ਬਾਕੀ ਛੱਡਿਆ)
६०.पाप्यभूवन्पापीभू: 3. ਬਹੁ. ਮੂਲਅਧਿ. ਪੁ. (ਉਹ ਬੁਰੇ ਹੋ ਗਏ)
६१.शोत्स्यामःशुध् 4ਪ: 1. ਬਹੁ. ਭਵਿ. ਪੁ. (ਅਸੀਂ ਸਾਫ਼ ਕਰਾਂਗੇ)
६२.अदीर्यथाःदॄ 9ਉ: 2. ਇਕ. ਅਪ੍ਰ. ਪਾ. (ਤੂੰ ਵੰਡਿਆ ਗਿਆ)
६३.भस्मसात्संपेदेभस्मसात्सम्पद् 4ਐ: 1. 3. ਇਕ. ਪਰਾ. ਐ. (ਮੈਂ / ਉਹ ਭਸਮ ਬਣਿਆ)
६४.नवधाਨੌ-ਗੁਣਾ (ਅਵਿ.)
६५.अविनक्विज् 7ਪ: 2. 3. ਇਕ. ਅਪ੍ਰ. ਪੁ. (ਤੂੰ / ਉਹ ਕੰਬਿਆ)
६६.आनअन् 2ਪ: 1. 3. ਇਕ. 2. ਬਹੁ. ਪਰਾ. ਪੁ. (ਮੈਂ / ਉਹ / ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਸਾਹ ਲਿਆ)
६७.शान्तयोःशम् 4ਪ: ਪਪ੍ਰ ਜੇ. ਲੋ. ਦੁ. ਮਿ. ਫਿ. ਨਿ. (ਸ਼ਾਂਤ)
६८.वारीणिवारि ਨਿ.: ਨਾ. ਅਕ. ਵੋ. ਬਹੁ. (ਪਾਣੀ)
६९.वारिणीवारि ਨਿ.: ਨਾ. ਅਕ. ਵੋ. ਦੁ. (ਦੋ ਪਾਣੀ)
७०.वारिणिवारि ਨਿ.: ਲੋ. ਇਕ. (ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ)
७१.अद्भिःअप् ਫਿ.: ਸਾ. ਬਹੁ. (ਪਾਣੀਆਂ ਦੁਆਰਾ)
७२.अदिध्मपन्ध्मा 1ਪ: 3. ਬਹੁ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਪੁ. ਕਾਰ. (ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਫੁੱਟਣ ਦਿੱਤਾ)
७३.अववर्जन्वृज् 7ਪ: 3. ਬਹੁ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਪੁ. ਕਾਰ. (ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਬਚਿਆ)
७४.शितवत्यौशो 4ਪ: ਨਾ. ਅਕ. ਵੋ. ਫਿ. ਦੁ. ਪਰ੍ਰ. ਪਰਾ. ਪੁ. (-ਵੰਤ)
७५.अहोਅਫ਼ਸੋਸ, ਹਾਏ (ਅੰਤਰ.)
७६.एकशःਵਾਰੀ ਵਾਰੀ, ਇੱਕ-ਇੱਕ (ਅਵਿ.)
७७.अपप्तःपत् 1ਪ: 2. ਇਕ. ਲੁਕ. ਅਧਿ. ਪੁ. (ਤੂੰ ਉੱਡਿਆ)
७८.अकस्मात्ਅਚਾਨਕ (ਅਵਿ.)
७९.मित्रध्रुक्मित्रद्रुह्: ਨਾ. ਵੋ. ਇਕ. ਮਿ. ਫਿ. ਨਿ. (ਦੁਸ਼ਮਣ-ਨਾਸ਼ਕ)
८०.अवोचन्वच् 2ਪ: 3. ਬਹੁ. ਅ-ਅਧਿ. ਪੁ. (ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ)


ਚਿੱਤਰ: जेरिम
(ਚਿੱਤਰ ਸਰੋਤ: ਵੇਰਵੇ)

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